जब जब होई धरम की हानि, बाधहीं असुर अधम अभिमानी -पं. सुधाकर शास्त्री

जब धर्म की हानि होती है और दुष्टों का अत्याचार बढ़ता है तो भगवान जरूर अवतार लेते हैं और भगवान का अवतार लेना सबके लिए कल्याणकारी होता है
बनारस से आये खुटहां बाजार में मुख्य यजमान श्रीमती कलावती देवी व ओमप्रकाश वर्मा के यहाँ श्रीमदभागवत कथा यग में पं. सुधाकर शास्त्री जी ने बहुत ही विस्तार से श्रीकृष्ण के वंशजों को लेकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के कथा का अवलोकन कराया और बहुत ही सुंदर एवं मनमोहक श्रीकृष्ण के जन्म का झांकी भी निकलवाया था जिसको देखकर सभी लोग मनमुग्ध हो गये तथा शास्त्री जी ने कथा के माध्यम से कहा कि जब जब धरती पर अधर्मियों का अत्याचार बढ़ता है तब तब भगवान कीसी न कीसी रूप मे अवतार लेते हैं और अत्याचारियों का विनाश करके उसको मोक्ष की प्राप्ति करवाते हैं ताकी वो अगले जन्म में धर्मी के रूप में पैदा हो और उन्होने बताया कि ईस धरती पर श्रीकृष्ण जी काजन्म लेने का कारड़ सिर्फ अपने मामा कंश का विनाश ही नहीं था । बल्की धरती पर हर एक प्राणी का रक्षा करना और अधर्मी और अधर्मी को धर्म के रास्ते पर लाना कथा ग्यान यग्य मे उन्होने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत भी रचे थे और अधर्मियों का विनाश करवाकर धर्म का विजय करवाया
श्रीमद भागवत कथा में मुख्य रूप से यजमान श्रीमती कलावती देवी व ओमप्रकाश वर्मा तथा उनके भाई राधेश्याम, शेषनाथ वर्मा राजकुमार वर्मा व पुत्रगण योगेंद्र वर्मा, दुर्गेश वर्मा व बृजेश वर्मा ( B.k. ज्वेलर्स) तथा हजारों लोगों की संख्या में कथा का आनंद लिए

जयप्रकाश वर्मा की रिपोर्ट
ब्लाक प्रभारी दैनिक महराजगंज पब्लिक न्यूज़

Share this:

Back to top button
error: Content is protected !!