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यूपी में सांसों पर संकट,देश के 138 प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद पहले नंबर पर

मुकुट किशोर शुक्ला
ब्यूरो चीफ
दैनिक महाराज गंज न्यूज़
लखनऊ

गाजियाबाद।वैश्विक महामारी कोरोना के संकट से निकलने के बाद अब गाजियाबाद वायु प्रदूषण से युध्द लड़ रहा है।केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण की 138 शहरों की लिस्ट में गाजियाबाद की हालत सबसे गंभीर है और ये चिंता का एक गंभीर विषय बना हुआ है।
ताजा रिपोर्ट पर अगर नजर डाली जाए तो बुधवार को 428 एक्यूआई के साथ गाजियाबाद फिर पूरे देश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। शहर में बढ़ता हुआ सासों का संकट इसी से अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यहां पीएम 10 मानक से पांच गुना ज्यादा दर्ज किया गया,जो हवा की बेहद खराब हालत को दर्शाता है।

गाजियाबद का लोनी प्रदूषण की रेस में सबसे आगे है।बुधवार को लोनी का प्रदूषण स्तर सबसे ज्यादा 454 रहा।दूसरे नंबर पर शहर का संजय नगर इलाका है।जहां एक्यूआई का स्तर 437 दर्ज किया गया। शहर में फैली हुई जानलेवा हवा के कारण सुबह की सैर पर जाने वाले लोगों को सांस की शिकायत हो रही है।गाजियाबाद में वायु प्रदूषण की हालत बहुत खराब हालत में होने के कारण रेड जोन में पहुंच गयी है।

आपको बता दें कि गाजियाबद में बढ़ते हुए प्रदूषण के कारणों की अगर बात की जाए तो मुख्य रूप से यूपी और पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली ही वायु प्रदूषण का कारण है। इसके अलावा गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, सड़कों पर फैली धूल, उद्योगों से होने वाले उत्सर्जन और निर्माण कार्यों के कारण उड़ने वाले पीएम कण भी काफी हद तक प्रदूषण का कारण हैं।
जीरो और 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा माना जाता है, जबकि 51 और 100 के बीच संतोषजनक माना जाता है।इसके अलावा 101 और 200 के बीच मध्यम, 201 और 300 के बीच खराब, 301 और 400 के बीच के एक्यूआई को बेहद खराब माना जाता है, जबकि 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी में माना जाता है।

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