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इंटरनेशनल बॉर्डर सोनौली में चल रहा फर्जी परिचय पत्र बनाने का कारोबार

बिना प्रशासनिक वैरिफिकेशन के जारी परिचय पत्रों की गृह रक्षामंत्रालय तक शिकायत

इंटरनेशनल बॉर्डर सनौली जनपद महराजगंज के सील होने के बावजूद एक अनाधिकृत परिचय पत्र से लोग बॉर्डर पर बेरोकटोक प्रवेश कर रहे हैं। यह परिचय पत्र कस्टम क्लियरिंग कर्मचारी के रूप में बिना किसी पुलिस एसएसबी व कस्टम के वेरीफिकेशन के जारी किए जा रहे हैं इस मामले में कई शिकायतें पुलिस तक पहुंची है। सोमवार को फिर एक शिकायत सोनौली नगर पंचायत के वार्ड नंबर आठ सिद्धार्धनगर निवासी रमेश चंद्र त्रिपाठी ने गृह मंत्रालय व मुख्यमंत्री के पास ई मेल किया
शिकायत में जारी किये जा रहे परिचय पत्र को फर्जी कहा गया है। शिकायत में जिक्र है कि कोरोना वायरस के मद्देनजर 24 मार्च से भारत-नेपाल की सीमा सील घोषित है। भारत सरकार ने केवल मालवाहक वाहनों को नेपाल जाने की रियायत दी है। मालवाहक ट्रकों के सरहद पार करने की रियायत की आड़ में भारत-नेपाल की सबसे महत्वपूर्ण सीमा पर कस्टम क्लियरिंग एजेंट के नाम पर कुछ ट्रांसपोर्टर व प्राइवेट क्लियरिंग एजेंट अपने द्वारा जारी नियम कानून बना रहे हैं। बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों को गुमराह कर बॉर्डर पार करने के लिए परिचय पत्र जारी कर रहे हैं। 880 से अधिक परिचय पत्र जारी हुए हैं। यह परिचय पत्र बिना पुलिस, कस्टम या एसएसबी के वेरीफिकेशन के ही बनाए जा रहे हैं। कई कार्ड ऐसे लोगों को भी जारी किए गए हैं। जिनका कस्टम विभाग के वाहन क्लियरेंस विभाग से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। आशंका जताई गई है कि इस परिचय पत्र की आड़ में सीमावर्ती क्षेत्र में घुसपैठ कराने या तस्करी कराने
जैसे अराजक कार्य में संलिप्त हैं।

नौतनवा से तहसील प्रभारी वेद प्रकाश दुबे की रिपोर्ट।

वेद प्रकाश दुबे

वेद प्रकाश दुबे प्रदेश विज्ञापन प्रभारी (लखनऊ) 7380436987

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