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देश

तस्करों का हौसला बुलंद, पत्रकार असुरक्षित ,एक पड़वा तस्कर ने पत्रकार को जान से मारने की दे डाली धमकी

क्रासर:-अगर प्रशासन सख्त होती तो नही होते आये दिन ऐसे घटना

दैनिक महराजगंज न्यूज़

महाराजगंज: ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के लमुहा चौकी के ठीक सामने से एक पिकअप पर पड़वा व भैंस लेकर तस्कर जा रहा था उसी समय अब तक tv चैनल के पत्रकार वहाँ मौजूद थे जब उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया और ड्राइवर से कुछ जानकारी लेने की कोशिश की तो ड्राइवर गाड़ी न रोककर पत्रकार के बाइक में बगल से ठोकर मार कर भागने में सफल रहा गनीमत यह हुआ कि पत्रकार बाल बाल घायल होने से बचा किसी प्रकार का घटना नहीं हुआ

बताया जाता है कि डिगहि निवासी मुर्तुजा के घर पर पड़वा उतार कर पिकप ड्राइवर खड्डा की तरफ भागने में सफल रहा।जिसकी सूचना चंदा चौकी के पुलिसकर्मियों को दी गई तो चौकी प्रभारी ने आश्वासन दिया कि हम अपना फोर्स लेकर रास्ते में खड़े हैं गाड़ी आते ही हम गाड़ी को रोक लेंगे
गाड़ी नंबर यूपी 57 एटी 6342 है जब पड़वा तस्कर मुर्तुजा के दरवाजे पर ड्राइवर मनोज से बात की गई तो मनोज नामक पिकअप ड्राइवर ने पत्रकार धनंजय पटेल को जान से मारने की धमकी तक दे डाली और बोला हमारे गाड़ी के आगे आओ मैं तुम्हें पत्रकारिता सिखाता हूं । अब देखना यह है कि पड़वा तस्कर के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जाती है। बताते चलें कि यह कोई नया मामला नहीं है रोजाना ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र से दर्जनों पिकप पड़वा और गाय नेपाल के लिए लाया जाता है जिसे लेकर कई बार तो पत्रकार और पुलिस के बीच नोक झोक भी हो चुकी है।
प्रदेश में आचार संहिता लगने के बावजूद भी तस्कर अपने काम को अंजाम देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं तस्करी में लिप्त तस्करों द्वारा पड़वा, गाय ,भैंस, मटर ,नेपाली शराब आदि सामानों की तस्करी जोरों पर चल रहा है जिसका जीता जागता प्रमाण अभी शनिवार को लालपुर में करीब 40 पेटी नेपाली शराब कोतवाली प्रभारी संजय दुबे ने अपनी टीम के साथ पकड़ा था जिसका खुलासा पुलिस अधीक्षक महराजगंज प्रदीप गुप्ता ने स्वयं किया था।अब प्रश्न यह उठता है कि आखिर तस्कर किसके सह पर गुंडई कर रहे हैं।क्या इसमें पुलिस प्रशासन भी शामिल हैं ।यदि नही तो खुलेआम तस्करी को कैसे अंजाम दिया जा रहा है।ऐसा प्रतीत होता है कि कही न कही प्रशासन भी इन घटनाओं का जिम्मेदार है। अब ऐसे हालात में पत्रकार के पास दो विकल्प है या तो पुलिस की चाटूकारिता करें या फिर मोदी जी का ड्रीम प्रोजेक्ट पकौड़े बेचें ।क्योंकि अब चौथा स्तंभ खतरे में है।इतना ही नहीं यदि कोई पत्रकार प्रशासन और तस्करी का खबर लिखता है तो उसके ऊपर दर्जनों मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं।

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dinesh rauniyar

Sub editor (Dainik Maharajganj News) mobile- 9794946039

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