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तस्करों के लिए सेफ जोन बना लक्ष्मीपुर,मोहनापुर समरधीरा मार्ग;अंकुश लगाने में विभागीय अधिकारी फेल

समरधीरा-महराजगंज

महराजगंज जनपद की सुरक्षा एजेंसियां भले ही सरहद की निगरानी के बड़े-बड़े दावे करती हों। लेकिन लक्ष्मीपुर नहर हरैया रघुवीर, समरधीरा मार्ग पर सरहदी इलाकों से बेखौफ तस्करी आपने चरम सीमा पर है तस्करों की दबंगई से तमाम विभाग बैक फुट पर नजर आ रहे हैं। मगर कुछ ऐसा होता प्रतीत नहीं हो रहा है। कि विभागीय अधिकारी आरोपियों पर कोइ कार्यवाही कर सकें। तस्करी के सामान भारत में आ रहे हैं।आलम ज्यौं का त्यौं है।लक्ष्मीपुर बरगदही हरैया रघुवीर समरधीरा का रास्ता तस्करों का सेफ जोन बन गया है। यहां से पूरी रात पिकप,मोटरसाइकिल से कनाडियन मटर पाकिस्तानी छुहारा व विएतनामी काली मिर्च की खेप लाई जा रही है। रात में तस्कर और सक्रिय हो जा रहे हैं। तस्करी के सामानों को खोरिया से लक्ष्मीपुर समरधीरा के लिंक मार्ग से गोरखपुर कुशीनगर पहुंचा दिया जा रहा है।जिससे राजस्व को लाखों का चूना लग रहा है।राजस्व एकत्र करने का मुख्य विभाग कस्टम, यदाकदा ही इस क्षेत्र के तरफ़ रुख करता है और पुलिस भी विवाद के बजह अब कुछ ले-देकर ही चुप्पी साधने को अच्छा समझ रही है। तस्करी के इस खेल में सेटिंग-गेटिंग की चर्चा अब सरेआम हो गई है ग्रामीण सुरक्षा एजेंसी कस्टम व पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगा रहे है। पुरन्दरपुर क्षेत्र इन दिनों तस्करी के लिए काफी चर्चा में है ।सुरक्षा एजेंसी, कस्टम व पुलिस की सुस्ती कहे या मिलीभगत तस्करों के हौसले बुलंद है। दिन ढलते ही अंधेरे की आड़ में नेपाल से दर्ज़नो पिकअप पर लादकर पाकिस्तानी छुहाड़ा मटर व कालीमीर्च की खेप ग्रामीण बजारो व कस्बा में स्थापित गोदामों में लाकर स्टोर करते है।बुलरो, मैजिक,टैम्पू व पीकअप पर लाद आसानी से बड़े शहरों में रातों रात पहुंचा कर काली कमाई कर रहे हैं।वही सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसी, कस्टम व पुलिस चुप्पी साधे बैठे है ।सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी का यह खुलेआम खेल देख आस पास के गांवों में चार्चा का  विषय बना हुआ है आस पास के युवक भी तेजी से इस खेल में शामिल हो रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि तस्कर लाइन लेने के लिए पुलिस व कस्टम विभाग को हफ्ता देते हैं। जिससे वह राजस्व नुकसान के इस खेल में आंख बंद कर लेते हैं।

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