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केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री आर. के. सिंह ने देश की पहली हरित हाइड्रोजन परिवहन परियोजना की स्थापना के लिए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और एलएएचडीसी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए एनटीपीसी को बधाई दी

केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री आर.के. सिंह ने देश की पहली हरित हाइड्रोजन परिवहन परियोजना की स्थापना के लिए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और एलएएचडीसी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए विद्युत मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी, राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम-एनटीपीसी, को बधाई दी है। एनटीपीसी का यह प्रयास अक्षय स्रोतों और हरित हाइड्रोजन पर आधारित कार्बन मुक्त अर्थव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को मजबूती प्रदान करता है।

विद्युत मंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि लेह जल्द ही शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ हरित हाइड्रोजन आधारित परिवहन परियोजना को लागू करने वाला भारत का पहला शहर बनने जा रहा है।

एनटीपीसी की 100 प्रतिशत सहायक कंपनी आरईएल ने आज इस क्षेत्र में देश की पहली हरित हाइड्रोजन परिवहन परियोजना स्थापित करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। एमओयू पर हस्ताक्षर को लेह में सौर वृक्ष और सोलर कार पोर्ट के रूप में एनटीपीसी के पहले सौर प्रतिष्ठान के उद्घाटन के साथ चिह्नित किया गया था।

माननीय उपराज्यपाल श्री आर. के. माथुर की गरिमामयी उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर सरकार और एनटीपीसी के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति तथा जन प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। समझौता ज्ञापन एनटीपीसी को अक्षय स्रोतों और हरित हाइड्रोजन के आधार पर लद्दाख को कार्बन मुक्त अर्थव्यवस्था विकसित करने में मदद करेगा। यह प्रधानमंत्री के ‘कार्बन मुक्त’ लद्दाख के दृष्टिकोण के अनुरूप भी है। उपराज्यपाल ने उल्लेख किया कि वह चाहते हैं कि लद्दाख एक हाइड्रोजन राज्य बने और इस दीर्घकालिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एनटीपीसी के साथ साझेदारी करके उन्हें खुशी हो रही है।

एनटीपीसी ने इस क्षेत्र में शुरुआत करने के लिए हाइड्रोजन से चलने वाली 5 बसें चलाने की योजना बनाई है। कंपनी लेह में एक सौर संयंत्र और एक हरित हाइड्रोजन उत्पादन इकाई भी स्थापित करेगी। इससे लेह हरित हाइड्रोजन आधारित परिवहन परियोजना को लागू करने वाला देश का पहला शहर बन जाएगा। यह सही मायने में शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला परिवहन होगा।

एनटीपीसी अपने पोर्टफोलियो को हरित करने के लिए ज़ोर शोर से प्रयास कर रहा है और हरित हाइड्रोजन परियोजना कम कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में एक और कदम है। एनटीपीसी परिवहन, ऊर्जा, रसायन, उर्वरक, इस्पात आदि जैसे क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन आधारित समाधानों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है।

एनटीपीसी ने हाल ही में 2032 तक 60 गीगा वॉट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने के अपने लक्ष्य को संशोधित किया है, जो पिछले लक्ष्य को लगभग दोगुना कर देता है। हाल ही में, एनटीपीसी ने विशाखापत्तनम में भारत की 10 मेगा वॉट की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सौर परियोजना शुरू की है।

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आई. एस. पाठक (प्रखर)

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