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टोक्यो ओलंपिक में मीरा बाई चानू ने भारत के लिए 49 किग्रा वर्ग में जीता पहला पदक, ऐसा रहा सफर

दैनिक महराजगंज न्यूज़
विमलेश कुमार नायक

भारतीय वेटलिफ्टर मीरा बाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में भारत को पहला मेडल दिला (Mirabai Chanu wins Silver Medal) दिया है. उन्होंने शनिवार को वेटलिफ्टिंग (Weightlifting) में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने 49 किग्रा वर्ग में यह मेडल जीता. यह भारतीय वेटलिफ्टिंग इतिहास में ओलंपिक में भारत का दूसरा पदक है. भारत ने इससे पहले सिडनी ओलंपिक (2000) में वेटलिफ्टिंग में पदक जीता था. यह पदक कर्णम मल्लेश्वरी ने दिलाया था. मीराबाई चानू पहली भारतीय वेटलिफ्टर हैं जिन्होंने ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने का कारनामा किया है.

मीराबाई ने स्नैच में 87 किलो और क्लीन एंड जर्क में 115 किलो वजन उठाया. इस तरह मीराबाई ने कुल 202 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया. वहीं चीन की वेटलिफ्टर हाऊ झिहू ने कुल 210 किलो वजन उठाकर गोल्ड पर कब्जा किया.

मीराबाई ने ऐसे किया सिल्वर मेडल पर कब्जा
मीराबाई ने स्नैच में अपने पहले प्रयास में ही 84 किलो और दूसरे में 87 किलो वजन उठाया. हालांकि, तीसरे प्रयास में वो 89 किलो वजन उठाने में नाकाम रहीं. वो स्नैच राउंड में दूसरे स्थान पर रहीं. इसके बाद क्लीन एंड जर्क के अपने दूसरे प्रयास में मीराबाई चानू ने 115 किग्रा वजन उठाकर नया ओलंपिक रिकॉर्ड कायम किया लेकिन चीन की होऊ झीहुई ने अगले ही प्रयास में 116 किलो वजन उठाकर ये रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. चानू ने इसके बाद चीन की वेटलिफ्टर को पछाड़ने के लिए 117 किलो वजन उठाने की कोशिश की लेकिन वो इसमें नाकाम रही.

पदक जीत भावुक हुईं मीराबाई
मीराबाई चानू पदक जीतकर रो पड़ीं और खुशी में उन्होंने अपने कोच विजय शर्मा को गले लगाया. बाद में उन्होंने ऐतिहासिक पोडियम स्थान हासिल करने का जश्न पंजाबी भांगड़ा करके मनाया. इस उपलब्धि से खुश उनकी खुशी मास्क से भी छुप नहीं रही थी जो पदक समारोह के दौरान और बढ़ गई. खेलों के लिये बनाये गये कोविड-19 प्रोटोकॉल में पदक विजेताओं को सामाजिक दूरी बनाये रखनी थी और वे ग्रुप फोटोग्राफ के लिये एक साथ नहीं हो सके. लेकिन तीनों पदकधारियों ने एक दूसरे को बधाई दी और फोटो भी खिंचवाई लेकिन एक अधिकारी ने उन्हें अलग होने के लिये कह दिया. इस भारतीय ने अंतरराष्ट्रीय एरीना में हर जगह खुद को साबित किया, बस इसमें ओलंपिक पदक की कमी थी जो अब पूरी हो गयी. वह विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण, राष्ट्रमंडल खेलों में (2014 में रजत और 2018 में स्वर्ण) दो पदक और एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हैं.

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